यह लेख अंग्रेज़ी मूल का हिंदी अनुवाद है। किसी भी अंतर की स्थिति में अंग्रेज़ी संस्करण ही मान्य होगा।

कार्यान्वयन एजेंसियों (implementing agencies) की अधिकांश सम्यक् जाँच एक ऐसे प्रश्न से शुरू होती है जिसका उत्तर कोई दस्तावेज़ नहीं दे सकता: क्या यह एक अच्छा संगठन है? किसी CSR प्रमुख को, या किसी NGO के माध्यम से योजना का धन भेजने वाले विभाग को, जिस प्रश्न का उत्तर देना होता है वह इससे संकरा है। क्या यह धन विधिसम्मत रूप से इस संगठन तक पहुँच सकता है, क्या यह ऐसे नियंत्रणों के अधीन खर्च होगा जिन पर कोई बाहरी व्यक्ति भरोसा कर सके, और क्या बाद में कोई बता सकेगा कि इस धन से क्या प्राप्त हुआ?

The Development Operating System इसका उत्तर परतों में देती है: एक सांविधिक न्यूनतम आधार, जो द्विआधारी (binary) है, और उसके ऊपर वे लिखित प्रणालियाँ जो पात्रता को वास्तविक कार्य-निष्पादन में बदलती हैं।

न्यूनतम आधार, उसी क्रम में जिसमें धन उस पर निर्भर है

CSR के लिए, CSR नियमों (CSR Rules) का नियम 4(1) प्रवेश-द्वार है। कोई बाहरी संगठन किसी कंपनी की कार्यान्वयन एजेंसी तभी बन सकता है जब वह पंजीकृत सार्वजनिक न्यास, पंजीकृत सोसायटी या धारा 8 कंपनी हो, उसके पास आय-कर पंजीकरण और अनुमोदन हो, और समान कार्य में उसका तीन वर्ष का रिकॉर्ड हो1; धारा 10(23C) की इकाइयाँ 2022 में जोड़ी गईं2। किसी CSR समिति द्वारा धारा 8 कंपनियों को वरीयता देना उसका अपना निर्णय है; नियम इन रूपों में कोई क्रम तय नहीं करता।

आय-कर अधिनियम, 2025 (Income-tax Act, 2025) के 1 अप्रैल 2026 से प्रवृत्त होने पर कर-संबंधी प्रवेश-द्वार बदल गया3। पंजीकरण अब धारा 332 में है और दान-प्राप्तकर्ता का अनुमोदन धारा 354 में4,5, जिनके लिए आवेदन फॉर्म 104 और 105 पर किया जाता है, जो फॉर्म 10A और 10AB का स्थान लेते हैं6,7। नियम 4(1) अब भी 1961 के अधिनियम की धारा 12A और 80G का उल्लेख करता है; पुस्तक इन उल्लेखों को नई धाराओं के साथ पढ़ती है, जिनके अंतर्गत पूर्ववर्ती मान्यताएँ तब तक जारी रहती हैं जब तक वे नए अधिनियम से असंगत न हों3। नियमित पंजीकरण पाँच कर वर्षों के लिए होता है, या दस वर्षों के लिए जहाँ पिछले दो कर वर्षों में से प्रत्येक में कुल आय ₹5 करोड़ के भीतर रही हो, और नवीकरण समाप्ति से कम से कम छह माह पहले देय होता है4,7।

प्रत्येक कार्यान्वयन एजेंसी को एक CSR पंजीकरण संख्या चाहिए, जो MCA21 पर ई-फॉर्म CSR-1 से उत्पन्न होती है और किसी व्यवसायरत चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सचिव या कॉस्ट अकाउंटेंट द्वारा सत्यापित होती है1,8। 14 जुलाई 2025 से संशोधित फॉर्म ऐसे संगठन से, जिसे किसी कंपनी या सरकार ने स्थापित नहीं किया है, उसके तीन वर्ष के रिकॉर्ड का साक्ष्य माँगता है9।

विदेशी अंशदान (foreign contribution) एक अलग गलियारा है। यह केवल नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की निर्दिष्ट शाखा के FCRA खाते में ही आ सकता है, इसे किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित नहीं किया जा सकता, और प्रशासनिक व्यय वर्ष में प्राप्त अंशदान के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, जब तक केंद्र सरकार इससे अधिक का अनुमोदन न करे10। 22 जून 2026 से प्रमाणपत्र घोषित प्रयोजनों और राज्यों से जुड़े हैं, मौजूदा पंजीकृत संस्थाओं को एक वर्ष के भीतर फॉर्म FC-6F दाखिल करना होगा, और नवीकरण के लिए पिछले दो वित्त वर्षों में कम से कम ₹10 लाख के विदेशी अंशदान का उपयोग आवश्यक है11,12। फॉर्म FC-4, 31 दिसंबर तक देय है, और कुछ भी प्राप्त न होने पर शून्य विवरणी (nil return) के रूप में13। धारा 7 का अर्थ है कि कोई प्रमुख एजेंसी विदेशी अंशदान को कंसोर्टियम भागीदारों को आगे नहीं दे सकती10।

न्यूनतम आधार से ऊपर: तर्क, प्रापण और सुरक्षा

तर्क मॉडल (logic model)। पुस्तक का अनुशासन यह है कि कार्यक्रम को यदि–तो–क्योंकि की परिकल्पना के रूप में कहा जाए और यह चिह्नित किया जाए कि कार्य-निष्पादन कहाँ समाप्त होता है। आउटपुट (outputs) वे हैं जिन्हें एजेंसी गिनती है; परिणाम (outcomes) वे बदलाव हैं जो इन आउटपुट से अपेक्षित हैं। बीच के तीरों के नीचे की मान्यताएँ, जैसे प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा प्रशिक्षण का उपयोग, वही बिंदु हैं जहाँ कार्यक्रम प्रायः विफल होते हैं। शुभारंभ से पहले क्षेत्र में ली गई आधाररेखा ही बाद में किसी परिणाम को दर्शाना संभव बनाती है, इसलिए उसे प्रस्ताव में एक ऐसी मद के रूप में रखा जाना चाहिए जिसे काटा न जा सके।

दो नियम सहायक हैं। CSR प्रशासनिक उपरिव्यय पर 5 प्रतिशत की अधिकतम सीमा कंपनी के कुल CSR व्यय पर लागू होती है, और किसी परियोजना की रूपरेखा, कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन (evaluation) की लागत परियोजना-लागत है8। और जहाँ किसी कंपनी का पिछले तीन वर्षों का औसत CSR दायित्व ₹10 करोड़ या अधिक है, वहाँ ₹1 करोड़ या अधिक की प्रत्येक परियोजना का, उसके पूर्ण होने के कम से कम एक वर्ष बाद, किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा आकलन (assessment) किया जाता है8; वह आकलनकर्ता आधाररेखा खोजेगा। कार्यक्रम को अनुसूची VII (Schedule VII) की किसी मद के अंतर्गत भी आना चाहिए और नियम 2(1)(d) के अपवर्जनों से बाहर होना चाहिए, जैसे कंपनी के सामान्य कारोबार के दौरान की गतिविधियाँ या उसके कर्मचारियों के लाभ के लिए गतिविधियाँ14।

प्रापण की सीढ़ी। अधिकांश सरकारी क्रेता सामान्य वित्तीय नियमावली, 2017 (General Financial Rules, 2017) के अनुसार काम करते हैं: ₹50,000 तक का माल एक प्रमाणपत्र पर, ₹5 लाख तक क्रय समिति द्वारा, ₹50 लाख तक सीमित निविदा से, और उससे अधिक पर विज्ञापित निविदा से15। पुस्तक का पठन यह है कि संस्थागत वित्तपोषक किसी एजेंसी से अपेक्षा करते हैं कि वह अपने आकार के अनुरूप इसी स्वरूप की सीढ़ी अपनाए। एक क्षेत्रीय समन्वयक और उसे रिपोर्ट करने वाले दो व्यक्तियों की क्रय समिति कोई नियंत्रण नहीं है, और ₹1 लाख से शुरू होने वाला मेकर-चेकर (maker-checker) नियम ₹96,000 के बीजकों को आमंत्रण देता है। पुस्तक का मानक है: समिति में एक बाहरी सदस्य, हर राशि पर मेकर-चेकर, और आपूर्तियों का सत्यापन ऐसे लोगों द्वारा जो आपूर्ति-शृंखला से बाहर हों।

सार्वजनिक धन के साथ एक समय-सीमा भी जुड़ती है। GFR के नियम 230 के अंतर्गत सहायता अनुदान (grant-in-aid) के साथ बैंक शेष, ब्याज और परिसंपत्तियों से जुड़ी शर्तें होती हैं; फॉर्म GFR 12-A में उपयोगिता प्रमाणपत्र वर्ष की समाप्ति के बारह माह के भीतर देय होता है, और जब तक वह प्राप्त नहीं होता, अगला आवर्ती अनुदान पूरा जारी नहीं किया जाता16,17।

सुरक्षा (safeguarding)। यहाँ न्यूनतम आधार सांविधिक है, वित्तपोषक चाहे कोई भी हो। जिस किसी को यह ज्ञात हो या आशंका हो कि किसी बालक के विरुद्ध लैंगिक अपराध किया गया है या किए जाने की संभावना है, उसे इसकी सूचना विशेष किशोर पुलिस इकाई (Special Juvenile Police Unit) या स्थानीय पुलिस को देनी होगी18, और किसी अधीनस्थ द्वारा किए गए अपराध की सूचना न देने वाले संस्था-प्रमुख को एक वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का सामना करना पड़ता है19। देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को रखने वाली संस्था का किशोर न्याय अधिनियम, 2015 (Juvenile Justice Act, 2015) की धारा 41 के अंतर्गत पंजीकृत होना आवश्यक है, चाहे उसे सरकारी अनुदान मिलता हो या नहीं20, और कोई भी रिपोर्ट या प्रकाशन ऐसा कोई विवरण प्रकट नहीं कर सकता जिससे ऐसे बालक की, या पीड़ित अथवा साक्षी बालक की, पहचान हो सके21। 13 मई 2027 से किसी बालक के व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए DPDP नियम, 2025 (DPDP Rules, 2025) के नियम 10 के अंतर्गत सत्यापन-योग्य अभिभावकीय सहमति आवश्यक होगी, जो चौथी अनुसूची की छूटों के अधीन है22।

साझा स्व-आकलन के रूप में तत्परता स्तर

पुस्तक का परिशिष्ट D इसे CSR धन प्राप्त करने और खर्च करने वाली एजेंसी के लिए एक स्व-आकलन में बदलता है: विधिक पहचान से लेकर कर्मियों तक नौ आयाम, जिनमें से प्रत्येक को 72 मानदंडों के आधार पर पाँच स्तरों में से किसी एक पर रखा जाता है।

स्तर नाम कार्यान्वयन एजेंसी में
L0 न्यूनतम आधार से नीचे कोई सांविधिक पंजीकरण, फाइलिंग या दायित्व अनुपस्थित है
L1 अनुपालक समय पर फाइलिंग; वित्तपोषक के माँगने पर साक्ष्य जुटाए जाते हैं
L2 प्रबंधित लिखित प्रक्रियाएँ, नामित उत्तरदायी व्यक्ति, कार्य के साथ-साथ रखे जाने वाले अभिलेख
L3 एकीकृत बाहरी व्यक्तियों द्वारा परखे गए नियंत्रण; सम्यक् जाँच की फाइल एक दिन में तैयार
L4 अग्रणी सत्यापित परिणाम रूपरेखा और बजट को दिशा देते हैं

तीन नियम यह काम करते हैं। स्तर क्रमिक शर्तों से बंधे (gated) हैं: कोई आयाम किसी स्तर तक तभी पहुँचता है जब उस स्तर और उससे नीचे के प्रत्येक मानदंड की पूर्ति हो जाए; यही नियम Transition Pathway Initiative अपनी प्रबंधन-गुणवत्ता की सीढ़ी पर लागू करता है23। न्यूनतम आधार सर्वोपरि है: एक भी अपूर्ण सांविधिक मानदंड उस आयाम को L0 पर रख देता है। और इसका निष्कर्ष एक प्रोफाइल होता है, जिसमें प्रत्येक आयाम अलग से बताया जाता है और कभी एक संख्या में जोड़ा नहीं जाता, क्योंकि कुल योग एक स्थान की मज़बूती को दूसरे स्थान के उल्लंघन को छिपाने देता है।

किसी मानदंड को तभी पूरा माना जाता है जब उसका साक्ष्य ऐसे व्यक्ति को दिखाया जा सके जो उस बैठक में उपस्थित नहीं था। कार्य का स्वामी रेटिंग देता है; जो उस कार्य का स्वामी नहीं है, वह "पूरा" (Met) की प्रत्येक रेटिंग को चुनौती देता है। यह भूमिका वित्तपोषक के लिए उपयुक्त है: आधे दिन की कार्यशाला में, सम्यक् जाँच की फाइल सामने रखकर, एजेंसी के साथ मिलकर अंक देने से दोनों को सुधारों की एक ही सूची मिलती है और एजेंसी को 90 दिनों की योजना। सुधार धन के क्रम का अनुसरण करते हैं: पहले धारा 332 का पंजीकरण और धारा 354 का अनुमोदन, अगली किस्त से पहले CSR पंजीकरण संख्या, और अगली विदेशी प्राप्ति से पहले FCRA से जुड़ी मदें।

ये स्तर व्यवसायी द्वारा निर्मित हैं: स्तर-विवरण लेखक के हैं, 25 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार विधि के सापेक्ष लिखे गए हैं, और अनुभवजन्य रूप से प्रमाणित नहीं किए गए हैं। Pöppelbuß और Röglinger परिपक्वता मॉडलों (maturity models) के जिन तीन उपयोगों में भेद करते हैं (वर्णन, निर्देशन और तुलना), उनमें से ये स्तर पहले दो की पूर्ति करते हैं24। पुस्तक के शब्दों में, "स्वयं निर्धारित किया गया स्तर न तो पंजीकरण है, न प्रत्यायन, और न ही किसी वित्तपोषक की सम्यक् जाँच।" (अनुवाद) किसी भी वित्तपोषक को कोई स्तर उसके पीछे के दस्तावेज़ों के स्थान पर स्वीकार नहीं करना चाहिए।

यह टिप्पणी The Development Operating System: Laws, Frameworks, and the Lifecycle of Impact in India's Development Sector (संशोधित संस्करण, v2.1) पर आधारित है, जिसके लेखक Harshal Kate हैं और जो तैयारी में है।

विश्लेषण, विधिक सलाह नहीं। 25 सितंबर 2026 की विधिक स्थिति के अनुसार।

संदर्भ

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  2. KPMG India (secondary), First Notes: MCA amends certain rules relating to corporate social responsibility (G.S.R. 715(E), 20 September 2022), October 2022, amendment to r. 4(1) adding section 10(23C) entities. https://assets.kpmg.com/content/dam/kpmgsites/in/pdf/2022/10/first-notes-mca-amends-certain-rules-relating-to-corporate-social-responsibility.pdf
  3. Income Tax Department e-filing portal, FAQs on objective and scope of the new Act, 2026, FAQ 2 (commencement, 1 April 2026) and FAQ 18 (recognitions under the 1961 Act). https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/all-topics/e-filing-services/objective-and-scope-new-act-faq
  4. Income Tax Department, Income-tax Act, 2025, 2026, s. 332(1), (5) and Table. https://www.incometaxindia.gov.in/w/section-332-5
  5. Income Tax Department, Income-tax Act, 2025, 2026, s. 354(1)–(2). https://www.incometaxindia.gov.in/w/section-354-7
  6. Income Tax Department, Form No. 104 FAQs (rule 181), 2026, FAQ 1 and 6. https://www.incometaxindia.gov.in/documents/d/guest/form-104-faqs
  7. Income Tax Department, Form No. 105 FAQs (rule 181), 2026, FAQ 1, 4 and 5. https://www.incometaxindia.gov.in/documents/d/guest/form-105-faqs
  8. Ministry of Corporate Affairs (copy hosted by the Ministry of Coal), General Circular 14/2021: FAQs on CSR, 25 August 2021, FAQ 3.2, 5.6 and 9.2. https://coal.gov.in/sites/default/files/2024-04/FAQ_CSR.pdf
  9. TaxGuru (secondary), Companies (CSR Policy) Amendment Rules, 2025, G.S.R. 452(E), 7 July 2025, revised e-form CSR-1 in force 14 July 2025. https://taxguru.in/company-law/companies-csr-policy-amendment-rules-2025.html
  10. Indian Kanoon (statute database), Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010, as amended in 2020, ss. 7, 8(1)(b) and 17(1). https://indiankanoon.org/doc/1234174/
  11. PRS Legislative Research, Foreign Contribution (Regulation) Amendment Rules, 2026 (S.O. 3272(E), 22 June 2026), 2026, summary: purposes and States; reasonable activity. https://prsindia.org/billtrack/foreign-contribution-regulation-amendment-rules-2026
  12. Ministry of Home Affairs (published by PIB), FAQ on FCRA amendments, 22 July 2026, Form FC-6F within one year; ₹10 lakh utilisation for renewal. https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2026/jul/doc2026722928801.pdf
  13. J. K. Chattopadhyay (secondary), FCRA Made Easy, Section IX (quoting MHA FAQ Q168–Q171), undated, FC-4 due date and nil return (FCRA Rules, 2011, r. 17). https://fcra.jkchattopadhyay.com/section/section-ix/
  14. TaxGuru (secondary reproduction), Companies (CSR Policy) Amendment Rules, 2021, G.S.R. 40(E), 22 January 2021, r. 2(1)(d). https://taxguru.in/company-law/companies-csr-policy-amen.html
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  20. Indian Kanoon, Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015, s. 41(1). https://indiankanoon.org/doc/99623812/
  21. AdvocateKhoj (secondary host), Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015, s. 74(1). https://www.advocatekhoj.com/library/bareacts/juvenilejustice/74.php?Title=Juvenile+Justice+(Care+and+Protection+of+Children)+Act,+2015&STitle=Prohibition+on+disclosure+of+identity+of+children
  22. Ministry of Electronics and Information Technology (mirror: dpdpa.com), Digital Personal Data Protection Rules, 2025, G.S.R. 846(E), 13 November 2025, r. 1(4), r. 10 and Fourth Schedule. https://www.dpdpa.com/DPDP_Rules_2025_English_only.pdf
  23. Transition Pathway Initiative Centre (Jahn, V., Ingham, R. and Dietz, S.), TPI's Methodology Report: Management Quality and Carbon Performance, Version 5.0, November 2023, Management Quality. https://www.transitionpathwayinitiative.org/publications/uploads/2023-methodology-report-management-quality-and-carbon-performance-version-5-0
  24. AIS eLibrary (Pöppelbuß, J. and Röglinger, M.), What makes a useful maturity model? A framework of general design principles for maturity models, ECIS 2011 Proceedings, 28, 2011, p. 4. https://aisel.aisnet.org/ecis2011/28/

विश्लेषण, विधिक सलाह नहीं। स्थितियाँ दर्शाई गई तिथि के अनुसार बताई गई हैं और तब से बदल चुकी हो सकती हैं।